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Saturday, September 18, 2021

हर मंडल मुख्यालय पर बनेंगे सैनिक स्कूल: योगी आदित्यनाथ

भारत

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डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.
सैनिक स्कूल
  • गोरखपुर में सैनिक स्कूल का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास, डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा भी रहे मौजूद।
  • खाद कारखाना परिसर में खुलेगा स्किल डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र : मुख्यमंत्री
  • सैनिक स्कूल समेत 187.51 करोड़ रुपये की लागत वाली 16 परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास।

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में देश मे 100 नए सैनिक स्कूल खोलना प्रस्तावित कर रखा है। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार हर कमिश्नरी में सैनिक स्कूल खोलने की योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। गोरखपुर में बनने जा रहा सैनिक स्कूल पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ योग्यतम शिक्षा देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोरखपुर के खाद कारखाना परिसर में सरकार स्किल डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र भी खोलेगी। यहां प्रशिक्षण प्राप्त के लिए देश और दुनियां में कहीं भी बेहतर शर्तों पर रोजगार मिल सकेगा।

सीएम योगी शुक्रवार को गोरखपुर खाद कारखाना परिसर में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा के साथ मिलकर सैनिक स्कूल का शिलान्यास कर रहे थे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर विद्यालय की आधारशिला रखने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैनिक स्कूल एक बड़ी उपलब्धि है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को देश के कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने, उच्च पदों पर सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। यहां के सैनिक स्कूल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूलों का अपना इतिहास है। प्रदेश में पहला सैनिक स्कूल 1960 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ संपूर्णानंद ने स्थापित किया था। कारगिल विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय ने भी इसी सैनिक स्कूल से शिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त किया था। 2017 में भाजपा की सरकार यूपी में आई तो सरकार ने लखनऊ सैनिक स्कूल का नामकरण शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के नाम कर दिया।

विकास की गतिविधियों का केंद्र बना खाद कारखाना परिसर : सीएम

सीएम योगी ने कहा कि 1990 में खाद कारखाना बंद हो जाने के बाद 26 साल तक केंद्र व पिछली राज्य सरकारों ने यहां के खाद कारखाने की सुधि नहीं ली। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका नए सिरे से शिलान्यास किया। 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार आई तो खाद कारखाना परिसर विकास की गतिविधियों का केंद्र बन गया। खाद कारखाना बनकर तैयार हो रहा है, इसे अक्टूबर तक जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इससे नौजवानों को नौकरी व किसानों को सस्ती खाद मिलेगी। इसी परिसर में सैनिक स्कूल बन रहा है। इसी परिसर में देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगी एसएसबी का मुख्यालय है। यहीं केंद्रीय विद्यालय है, पीएसी की महिला बटालियन स्थापित हो रही है। उपेक्षित रहा यह परिसर अब चहल पहल का केंद्र है।

कोविड काल में भी जारी रहे विकास के कार्य : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं होता है। यही कारण है कि हमने कोविडकाल में भी विकास की गतिविधियों में निरंतरता में कमी नहीं आने दी। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए विकास कार्य चलते रहे क्योंकि विकास कार्य ही खुशहाली का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के प्रबंधन में उत्तर प्रदेश के कार्य बेहतरीन रहे। एक संवेदनशील सरकार के रूप में हम अपने हर नागरिक के साथ ततपरता से खड़े हैं।

सभी 75 जिलों में होंगे मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में एकमात्र मेडिकल कॉलेज बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही था। सरकार ने देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर में भी मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। जो जिले रह गए हैं, वहां हम पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के पांच साल पूरा होते होते प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज होंगे। सीएम ने एक बार फिर बताया कि गोरखपुर एम्स के शुभारंभ अक्टूबर में पीएम मोदी के हाथों कराया जाएगा।

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