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UP में भी कोरोना वायरस को लेकर 22 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद

भारत में कोरोना वायरस के 73 केस सामने आ चुके हैं. इनमें से 11 केस उत्तर प्रदेश से हैं. योगी सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी नहीं घोषित किया है. बीमारी के लिए महामारी ऐक्ट के अंतर्गत कुछ विशेषाधिकार नियत किए गए हैं उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया गया है. यह 22 मार्च तक के लिए है. इसके बाद हालात की समीक्षा की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली एक बैठक में यह फैसला लिया गया. केरल, हरियाणा और दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है.

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय का यह ट्वीट देखिए.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही कोरोना वायरस को पैनडेमिक यानी महामारी घोषित कर दिया है. महामारी उस बीमारी को कहा जाता है जो एक ही समय दुनिया के अलग-अलग देशों में फैल रही हो.

# पैनडेमिक और एपिडेमिक में क्या फ़र्क है?

पैनडेमिक और एपिडेमिक दोनों का मतलब महामारी ही होता है. तो फिर सवाल उठता है कि एक ही मतलब के लिए दो शब्द क्यों बोले जाते हैं. इसका जवाब है सरहद. अंग्रेज़ी में इसे बॉर्डर कहते हैं. कोई महामारी कब तक एपिडेमिक होगी और कब पैनडेमिक होगी ये देशों की सीमाएं तय करती हैं. जब तक बीमारी किसी एक देश, राज्य, क्षेत्र या सीमा तक सीमित होती है तब तक उसे एपिडेमिक कहा जाता है. लेकिन जब बीमारी दुनिया भर में फ़ैल जाती है तब उसे पैनडेमिक कहा जाता है. जैसे साल 1918 से 1920 तक फैले स्पैनिश फ्लू को पैनडेमिक घोषित किया गया था क्योंकि इससे कई देशों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे. लाखों लोगों की मौत हो गई थी. जबकि 2014-15 में फैले इबोला को एपिडेमिक घोषित किया गया क्योंकि ये बीमारी लाइबेरिया और उसके पश्चिम अफ्रीका के कुछ पड़ोसी देशों में फैली थी. जब किसी बीमारी को महामारी घोषित कर दिया जाता है तो इसका मतलब बीमारी लोगों के बीच आपस में एक-दूसरे में फैलेगी. सरकार के लिए एक तरह अलर्ट होता है.

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