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भारत में कोरोना वायरस का दूसरा मामला दर्ज, चीन में अब तक 304 लोगों की मौत

एयर इंडिया ने अपनी दूसरी उड़ान में चीन के वुहान शहर से 323 और भारतीयों को बाहर निकाला और विमान रविवार सुबह दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंच गया. इससे पहले, एयर इंडिया का एक विशेष विमान शनिवार को 324 भारतीयों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा था.

नई दिल्ली/हैदराबाद/त्रिशूर/पुणे/बीजिंग/ढाका: चीन की यात्रा करने वाले केरल के एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की रविवार को पुष्टि होने के साथ ही भारत में इस बीमारी का दूसरा मामला सामने आया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘मरीज कोरोना वायरस से पीड़ित पाया गया है और उसे अस्पताल में अलग कमरे में रखा गया है.’ उन्होंने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है और उस पर करीबी नजर रखी जा रही है.

भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला भी केरल में दर्ज किया गया था, जहां एक छात्र के इससे पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है .

बता दें कि, देश में कोरोना वायरस का पहला मामला केरल में सामने आने के एक दिन बाद राज्य सरकार ने बीते 31 जनवरी को लोगों को खतरे के प्रति आगाह करते हुए कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है .

चीन से आयी छात्रा में कोरोना वायरस की जांच के सकारात्मक नतीजे आए थे. स्थिति पर नजर रखने के लिए शहर आईं स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने को कहा था. मंत्री ने बताया कि यहां सरकारी चिकित्सा कॉलेज अस्पताल के पृथक वार्ड में मरीज का उपचार चल रहा है.

इससे पहले, दिन में स्वास्थ्य अधिकारियों ने छात्रा को अस्पताल से सरकारी मेडिकल कॉलेज में भेज दिया.

मंत्री ने हालिया दिनों में चीन से आए लोगों से खुद ही निकटवर्ती अस्पतालों को अवगत कराने का अनुरोध किया है . उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश के मद्देनजर कुछ लोग अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे भी हैं .

संक्रमण ना फैले इसके लिए उन्होंने ऐसे परिवारों से शादी भी टालने को कहा है जिनके यहां कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्र से लोग आए हैं .

चुनौती का सामना करने के लिए निजी अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि घर में ऐहतियात बरतने की जरूरत है. घबराने वाली बात नहीं है .

इधर, पिछले कुछ दिनों में चीन से लौटे कम से कम 806 व्यक्तियों को कोरोना वायरस से ग्रसित होने की आशंका के चलते केरल में निगरानी में रखा गया है.

कुल 806 में से 173 व्यक्ति राज्य में बुधवार को आए थे. उनमें से दस व्यक्तियों को राज्य के विभिन्न अस्पतालों में अलग रखा गया है और बाकी लोगों को घर पर रखा गया है.

वहीं, केरल के ही त्रिशुर में नोवेल कोरोना वायरस के बारे में सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. स्वास्थ्यमंत्री के के शैलजा ने यह जानकारी दी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वे लोग कोरोनोवायरस प्रभावित देशों से लौटकर निगरानी में रखे जा रहे लोगों के बारे में झूठी खबरें फैला रहे थे.

मंत्री ने कहा कि त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पृथक वार्ड में रखी गई छात्रा की जांच रिपोर्ट सकारात्मक आयी है लेकिन अब उसकी हालत स्थिर है.

एयर इंडिया का दूसरा विमान वुहान से 323 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुंचा

एयर इंडिया ने अपनी दूसरी उड़ान में चीन के वुहान शहर से 323 और भारतीयों को बाहर निकाला और विमान रविवार सुबह दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंच गया. इससे पहले, एयर इंडिया का एक विशेष विमान शनिवार को 324 भारतीयों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा था.

एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर 323 यात्रियों को लेकर आ रहा दूसरा विशेष विमान दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा.’

कोरोनावायरस प्रभावित वुहान से करीब 300 बांग्लादेशी विशेष विमान से ढाका लौटे

कोरोना वायरस संक्रमण के केंद्र बने चीन के वुहान शहर से शनिवार को करीब 300 बांग्लादेशी विशेष विमान से स्वदेश लौटे और उन्हें सेना एवं पुलिस की निगरानी में पृथक केंद्र में रखा गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

बांग्लादेश की सरकारी विमानन कंपनी ‘बिमान एयरलाइंस’ की प्रवक्ता ताहिरा खोंदकर ने बताया कि बोइंग 777-300 ईआर विमान 312 बांग्लादेशियों को लेकर शनिवार दोपहर हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा जिनमें 12 बच्चे और तीन शिशु शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के 15 सदस्य और चार डॉक्टर भी मौजूद थे.

बांग्लादेश स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि वुहान से निकाल कर लाए गए लोगों को हवाई अड्डे से अशकोना हज शिविर ले जाया गया. वहां पर 14 दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में अलग-थलग रखा जाएगा क्योंकि इस अवधि को इस विषाणु के विकसित होने की अवधि माना जाता है.

बीडी न्यूज के मुताबिक वुहान से लौटे सात लोग बुखार से पीड़ित हैं और उन्हें सीधे अस्पताल भेजा गया.

बांग्लादेश के विदेशमंत्री एके अब्दुल मोमिन ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि वुहान से लौट रहे लोग बीमार नहीं हैं लेकिन वह कोई खतरा नहीं लेना चाहते हैं, इसलिए स्वास्थ्य निगरानी में रखा जाएगा.

मलिक ने लौट रहे लोगों के रिश्तेदारों से अपील की कि वे अगले 14 दिनों तक उस शिविर के पास जमा नहीं हों जहां उन्हें रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशालय और सैन्य चिकित्सा कोर वुहान से निकाले गए

लोगों की ठीक से देखरेख करेंगे और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से निर्धारित दिशानिर्देश के अनुरूप इलाज किया जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि शिविर की सुरक्षा के लिए पुलिस के अलावा सेना को भी बुलाया गया है.

चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या 304 हुई

चीन में फैले घातक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि शनिवार तक इस बीमारी के कारण 304 लोगों की मौत हो गई और 14,380 लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

चीन के एनएससी के अनुसार सभी लोगों की मौत हुबेई प्रांत में हुई है.

आयोग ने बताया कि शनिवार को इस संक्रमण के 4,562 नए संदिग्ध मामले सामने आए.

उसने बताया कि शनिवार को 315 मरीज गंभीर रूप से बीमार हो गए और 85 लोगों को स्वास्थ्य सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

आयोग ने बताया कि कुल 2,110 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और कुल 19,544 लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने का संदेह है. कुल 328 लोगों को स्वास्थ्य में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

उल्लेखनीय है कि इस विषाणु का दिसंबर की शुरुआत में पता चला था और इसके हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान स्थित बाजार से फैलने की आशंका है जहां मांस के लिए जंगली जानवरों की बिक्री होती है. यह वायरस 17 देशों में फैल चुका है.

कोरोना वायरस की चपेट में आने के संदेह में दो और लोग आरएमएल अस्पताल में भर्ती

कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के संदिग्ध दो और लोगों को यहां आरएमएल अस्पताल के अलग वार्ड में भर्ती कराया गया है जिससे इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की कुल संख्या आठ पर पहुंच गई है.

अस्पताल अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम को 23 तथा 46 वर्ष के दो व्यक्तियों ने सांस लेने में दिक्कत तथा बुखार की शिकायत की. आरएमएल को इस तरह के संक्रमण के मामलों के इलाज के लिए नामित किया गया है.

उन्होंने बताया कि 23 वर्षीय व्यक्ति पिछले पांच वर्षों से वुहान में रह रहा था और वह 24 जनवरी को भारत लौटा था. दूसरा व्यक्ति चांग्सा गया था और 18 जनवरी को भारत लौटा.

नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित छह संदिग्ध लोग पहले ही आरएमएल के एक अलग वार्ड में भर्ती हैं.

अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली निवासी इन आठ लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने गुरुवार को देश में तैयारियों के संदर्भ में संबंधित मंत्रालयों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें इस वायरस के प्रसार पर काबू पाने को लेकर चर्चा हुई.

इसमें बताया गया है कि उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से भी बात की.

इन बैठकों के दौरान यह फैसला लिया गया कि 15 जनवरी के बाद चीन से आए सभी लोगों की वायरस के लिए जांच की जाएगी.

अधिकारी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका के लिए 21 हवाईअड्डों, बंदरगाहों और सीमाओं पर मरीजों की जांच कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अनुरोध किया है अगर उन्हें जुकाम तथा सांस लेने में दिक्कत (रिस्पाइरेटरी डिस्ट्रेस) जैसे लक्षण दिखे तो वे 24×7 हेल्पलाइन (011-23978046) पर संपर्क करें.

मंत्रालय ने लोगों को चीन की यात्रा न करने की सलाह दी है और नेपाल की सीमा से लगते राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में निगरानी बढ़ा दी गई है.

तेलंगाना से जांच के लिए चार और नमूने भेजे गए

नोवेल कोरोना वायरस के लक्षणों वाले चार अन्य मरीजों के नमूनों को जांच के लिए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे भेज दिया गया है. तेलंगाना के मंत्री ई राजेंदर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक इस संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

मंत्री ने बताया कि अब तक लार के 15 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं और उनमें से नौं की जांच रिपोर्ट नकारात्मक आयी है. दो नमूनों के जांच परिणाम की प्रतीक्षा की जा रही है. एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा, ‘चार नमूनों को आज पुणे भेजा गया है.’

चीन से लौटे छात्र को कटक अस्पताल भेजा गया

चीन से लौटे ओडिशा के कंधमाल जिले से ताल्लुक रखने वाले मेडिकल के एक छात्र को खांसी और जुकाम के चलते शुक्रवार को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है. खांसी और जुकाम कोरोना वायरस की चपेट में आने के शुरुआती लक्षण हैं. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा यह छात्र चीन में कोरोना वायरस फैलने से पहले 11 जनवरी को ओडिशा लौटा था. तब से उसे खांसी और जुकाम है.

छात्र ने खुद ही इन लक्षणों की जानकारी कंधमाल के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी राज्यश्री पटनायक को दी.

छात्र ने कंधमाल के जिला मुख्यालय फूलबनी में पत्रकारों से कहा, ”मैं एमबीबीएस का छात्र हूं. मुझे खांसी और जुकाम है. मैं वुहान के नजदीक एक कस्बे में ठहरा हुआ था, जो नोवेल कोरोना वायरस का केन्द्र बना हुआ है. मुझे डर हुआ कि कहीं मुझे कोरोना वायरस ने तो नहीं घेर लिया. लिहाजा, मैंने सरकार से मदद मांगी.”

कंधमाल जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा, ”हमने छात्र को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है क्योंकि कंधमाल में ऐसे मामलों में भर्ती करने को लेकर कोई प्रावधान नहीं है.”

थाईलैंड और सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की भी हवाई अड्डों पर होगी जांच

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर चीन, हांगकांग के अलावा थाईलैंड और सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की भी हवाई अड्डों पर जांच की जाएगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी.

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों को लेकर यहां हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया.

मंत्रालय ने कहा, ‘चीन और हांगकांग से आने वाले यात्रियों के अलावा सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों की भी हवाई अड्डों पर जांच की जाएगी.’ स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, कपड़ा और फार्मास्युटिकल मंत्रालय के सचिव इस बैठक में शामिल हुए. कैबिनेट सचिव अब तक पांच समीक्षा बैठक कर चुके हैं.

शनिवार तक 326 विमानों से आए कुल 52,332 यात्रियों में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण की जांच की जा चुकी है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘आईडीएसपी जांच में कुल 97 यात्रियों में लक्षण मिले जिसके बाद उन्हें पृथक वार्ड में रेफर किया जा चुका है. 98 नमूनों की जांच हो चुकी है जिसमें से 97 नमूने नकारात्मक पाए गए हैं. एक मामले में केरल में सकारात्मक नतीजा पाया गया था जिसकी निगरानी की जा रही है और उस व्यक्ति की हालत स्थिर है.’

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये भी विभिन्न देशों से आए यात्रियों की जांच प्रक्रिया की समीक्षा की. अधिकारियों ने कहा कि वुहान से लाए गए 324 भारतीय यहां शनिवार को पहुंचे और उन्हें सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा स्थापित पृथक वार्डों में भर्ती कराया गया. अधिकारी ने कहा कि हालांकि उनमें से किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं.

कोरोना वायरस वैश्विक खतरा, सेना इसके प्रसार को रोकने के लिए प्रयासरत: सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शनिवार को कहा कि सेना कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभा रही है. उन्होंने कहा वायरस का प्रकोप वैश्विक स्तर पर पहुंच गया है और यह दुनिया के लिए ‘बड़ा खतरा’ बन गया है.

चीन के हुबेई प्रांत से लाए गए लोगों के लिए भारतीय सेना ने दिल्ली के पास मानेसर में एक पृथक केंद्र बनाया है.

शनिवार की सुबह, एयर इंडिया के विशाल बी747 विमान के जरिए चीन में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित वुहान से 324 भारतीयों को नयी दिल्ली लाया गया.

मानेसर में पृथक केंद्र बनाने में सेना की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर जनरल नरवणे ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी वैश्विक रूप धारण कर चुका है.

जनरल ने कहा, ‘कोरोना वायरस वैश्विक रूप धारण कर चुका है और हम इसे दुनिया के लिए बड़े खतरे के रूप में देख रहे हैं. इसलिए इसे देखते हुए, सभी देशों को संभव उपायों के लिए साथ आना होगा ताकि इस खतरे/महामारी को बेहतर तरीके से और निचले स्तर पर रोका जा सके और इसी दिशा में हम हमारी भूमिका अदा कर रहे हैं.’

जनरल नरवणे यहां महाराष्ट्र में बंबई इंजीनियरिंग ग्रुप के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रखे गए कार्यक्रम से अलग संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

अभियंताओं की भूमिका पर सेना प्रमुख ने कहा कि भविष्य में युद्ध तकनीकी एवं नेटवर्क केंद्रित होने वाले हैं. साथ ही उन्होंने सीमा के आस-पास अवसंरचना संबंधी कार्यों में अभियंताओं की भूमिका के बारे में पूछने पर कहा कि ‘क्षमता निर्माण’ जारी प्रक्रिया है और जब भी सड़क, पुल या बैरेक संबंधी निर्माण कार्य होगा, अभियंताओं की भूमिका इनमें बड़ी रहेगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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