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शाहीन बाग प्रदर्शन: ठंड से चार महीने के बच्चे की मौत पर मां ने क्या कहा?

शाहीन बाग प्रदर्शन: ठंड से चार महीने के बच्चे की मौत पर मां ने क्या कहा?
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दिल्ली के शाहीन बाग में डेढ़ महीने से भी ज्यादा वक्त से प्रदर्शन हो रहा है. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के विरोध में महिलाएं धरने पर बैठी हैं. कई औरतें अपने बच्चों को भी साथ लाती हैं. इन्हीं बच्चों में शामिल चार महीने के मोहम्मद जहान की 30 जनवरी की रात ठंड लगने से मौत हो गई.

कैसे हुई मौत?

जहान की मां नाजिया 18 दिसंबर से शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में हिस्सा ले रही थीं. वो अपने बच्चों को भी लेकर जाती थीं. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, नाजिया का कहना है कि देर रात तक प्रदर्शन में रहने की वजह से जहान को ठंड लग गई थी. उसे सर्दी हो गई थी, नाक और गले में भी दिक्कत थी. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि बच्चे की हालत इतनी खराब हो गई है कि उसकी जान चली जाएगी.

जहान की मौत उस वक्त हुई, जब वो सो रहा था. उसे 31 जनवरी की सुबह अल शिफा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

नाजिया का कहना है,

’30 जनवरी की रात करीब 1 बजे मैं बच्चों के साथ घर लौटी. जहान और बाकी दो बच्चों को सुलाने के बाद मैं भी सोने चली गई. जब सुबह उठी, तो देखा कि जहान के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही है. वो नींद में ही हम सबको छोड़कर चला गया था.’

जहां बच्चे के पैरेंट्स दावा कर रहे हैं कि ठंड लगने से बच्चे की मौत हुई है, वहीं डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कोई निश्चित कारण नहीं बताया गया है.

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शाहीन बाग में चल रहा प्रदर्शन. फोटो- PTI.

नाजिया दोबारा प्रदर्शन में लौटने की तैयारी में

जहान के माता-पिता यूपी के बरेली से हैं. दिल्ली में बाटला हाउस इलाके में छोटी-सी झोपड़ी जैसे घर में रहते हैं. जहान के अलावा दो बच्चे और हैं. एक पांच साल की बेटी है और एक डेढ़ साल का बेटा है. पति आरिफ ई-रिक्शा चलाता है और कपड़ों में कढ़ाई का काम करता है. नाजिया भी कढ़ाई के काम में पति की मदद करती है.

नाजिया अपने पति और मां का विरोध झेलकर भी प्रदर्शन में शामिल होने जाती थी. अपने मोहल्ले के पास की औरतों को इकट्ठा करती थी, फिर सब साथ में शाहीन बाग जाते थे. कई बार आरिफ खुद कुछ औरतों को अपने रिक्शे से छोड़ देता था. नाजिया अब फिर से प्रोटेस्ट में शामिल होने की तैयारी में है, लेकिन इस बार वो अपने बच्चों को लेकर नहीं जाएगी.

उसका कहना है,

‘मैं ये सब क्यों कर रही हूं? अपने और बाकी सभी बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए कर रही हूं. CAA हमें धर्म के आधार पर बांटता है और ये हम स्वीकार नहीं कर सकते. मैं नहीं जानती कि इसमें क्या राजनीति है, लेकिन मेरे बच्चों के भविष्य के खिलाफ जो भी होगा, मैं उस पर सवाल करूंगी.’

वहीं आरिफ अपने बच्चे की मौत का जिम्मेदार CAA और NRC को मानता है. उसका कहना है कि अगर सरकार CAA और NRC लेकर नहीं आती, तो प्रदर्शन नहीं होता. उसकी पत्नी प्रोटेस्ट में शामिल होने नहीं जाती और उसका बेटा आज जिंदा होता.

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