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यूपी/सिद्धार्थनगर: बस्ती खबर के पहल का हुआ असर, अपात्रों को आवास देने के मामले में जांच और रिकवरी की कार्यवाई

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सिद्धार्थनगर। जिले में बस्ती खबर द्वारा चलाए गए खबर "यूपी के Siddharthnagar में आवास योजना की हकीकत" को संज्ञान लेते हुए पिपरा पंडरुपुर गांव पहुंचे प्रभारी वीडियो खेसरहा सुशील कुमार पांडेय ने गांव के मौजूदा आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थी सूची में दर्ज 13 लोगों के नाम चिन्हित किए, और अपात्रों का भौतिक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान आवास की सूची में दर्ज लगभग 28 नामों में से 14 लोगों के अपात्र होने की पुष्टि हुई।

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास का लाभ पाएं अपात्रों की जांच करते खंड विकास अधिकारी खेसरहा सुशील कुमार पाण्डेय/ फोटो- राम नरेश चौधरी

उक्त संबंध में जानकारी देते हुए श्री पांडेय ने बताया कि आवास की लाभार्थी बीना देवी तथा रफीकुन्निशा की ₹40000 की पहली किस्त जारी हो गई थी। जिसे वापस कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में संबंधित सचिव, सेक्टर प्रभारी व ग्राम प्रधान के ऊपर आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी।

क्या था पूरा मामला-

खेसरहा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा पंडरुपुर के ग्रामीणों में गांव के धनाढ्य व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने को लेकर आक्रोश है। दो मंजिला मकान वालों व मंहगी गाड़ी वाले परिवारों को आवासीय योजना का लाभ देने वाले जिम्मेदारों के प्रति भी लोगों में खासी नाराजगी है। जिम्मेदारों की मनमानी के विरोध में लोग खुलकर सामने आ रहे हैं।

वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत क्षेत्र में चर्चा का विषय बने पिपरा पंडरुपुर गांव की रहने वाली अब्दुल अलीम की पत्नी हसीबुन्निशा ने मामले से जिला परियोजना अधिकारी सहित कई उच्चाधिकारियों को अवगत कराने हेतु पत्राचार किया है। शिकायतकर्ता हसीबुन्निशा पत्नी अब्दुल अलीम व सालेहा पत्नी जबीउल्लाह ने अधिकारियों को डाक से भेजे गए अपने शिकायती पत्र में स्वयं को आवास का पात्र बताया है। हशीबुन्निशा ने लिखा है। कि उसका पति अब्दुल अलीम विकलांग है और उसके पास रहने योग्य मकान नहीं है फिर भी उसको आवास न देकर गांव के धनाढ्य लोगों में आवास का बंदरबांट कर दिया गया है। उसने अपने पत्र में उदाहरण के तौर पर अपात्रों का जिक्र करते हुए कहा है,कि आवास का लाभ पाई ग्रामवासी हाजरा खातून पत्नी मोहम्मद सफात के पास दो मंजिला मकान है। बीना देवी पत्नी विजय कुमार के पास भी दो मंजिला मकान है। सितारुन्निशा पत्नी मोहम्मद नजीर के पास भी दो मंजिला मकान है। अकबर अली पुत्र फौजदार तथा रफीकुन्नीसा पत्नी सलामुल्लाह यह दोनों रिश्ते में सगे ससुर व बहू हैं। इनके पास भी पक्का मकान है फिर भी जिम्मेदारों द्वारा दोनों को एक साथ प्रधानमंत्री आवास का लाभ दे दिया गया। जबकि यह सब एक साथ ही रहते हैं। हसीबुन्निशा ने अपने शिकायती पत्र में यह भी बताया है कि गांव के रोजगार सेवक के परिवार के राजमती पत्नी ललित कुमार तथा बीना देवी पत्नी विजय कुमार दोनों के पास दो मंजिला आवास होने के बावजूद आवास का लाभ दे दिया गया जब कि वह काफी धनाढ्य है और किसी भी तरह से आवास का पात्र नहीं है।

राजपति पत्नी ललित कुमार का पिपरा गांव में दो मंजिला मकान बना है, आवास की सूची में भी इनका नाम है, ललित कुमार गांव के रोजगार सेवक व बीएलओ बताए जाते हैं/ फोटो- राम नरेश चौधरी

लोगों ने बताया कि ललित कुमार गांव का रोजगार सेवक तथा बीएलओ भी है। मौके पर किए गए पड़ताल में भी आवास का लाभ पाए कई ऐसे नाम सामने आए जिनके पास दो मंजिला मकान होने के बाद भी आवास का लाभ दे दिया गया है। जबकि ग्राम पंचायत अंतर्गत कपिल देव चौधरी, शारदा पत्नी बाबूराम, संतराम पुत्र अधारे, गोविंद चौधरी पुत्र राम शंकर, कुशलावती पत्नी राम सुमेर, तबारक अली पुत्र मोहम्मद रजा आदि कुछ ऐसे नाम हैं जिन्हें वाकई में आवास की आवश्यकता है परंतु किन्ही कारणों से इन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला।

टोला औंरहिया निवासी अफसर अली शरीर के दाहिने साइड के विकलांग हैं और घासफूस की झोपड़ी में रहते हैं/ फोटो- राम नरेश चौधरी

ग्राम पंचायत के टोला औंरहिया निवासी शरीर के दाहिने साइड के विकलांग अफसर अली ने बताया कि मैं अपने भाइयों से अलग गांव के बाहर बरसों से एक झोपड़ी में रह रहा हूं। आवास के लिए कई बार जिम्मेदारों से कहा लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सूत्रों की मानें तो अधिक धन कमाने के चक्कर में जिम्मेदार ही सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे हैं। जिम्मेदारों के चलते ही छत विहीन प्रत्येक गरीब को आवास देने की भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार के दलदल में फंस कर अपने मूल उद्देश्यों से भटक कर रह गई है। इन्हीं सब बातों को लेकर ग्राम वासियों में आक्रोश है, और अपात्रों को आवास दिए जाने का खुलकर विरोध भी कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं सहित गांव के सुनील तिवारी, मोहन तिवारी, महेंद्र तिवारी, बाबूराम प्रजापति , कुशलावती, आदि ने गांव के धनाढ्यों में प्रधानमंत्री आवास के बंदरबांट की किसी सक्षम अधिकारी द्वारा जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सहित अपात्रों का आवास निरस्त कर उनके स्थान पर गरीब जरूरतमंद व पात्र व्यक्तियों को आवास दिए जाने की उच्चाधिकारियों से मांग की थी।

ग्राम निवासी रामभवन/ फोटो- राम नरेश चौधरी

पिपरा ग्राम निवासी रामभवन ने बताया कि, जिस झोपड़ी के सामने मैं खड़ा हूं यह मेरे भाई संतराम पुत्र आधारे का है इनको काफी दिनों से प्रयास करने के बावजूद आवास नहीं मिला, इसी झोपड़ी में गुजर-बसर करते हैं यहाँ काम धंधा ना मिलने के कारण कभी कभार वह कमाने के लिए बाहर भी चले जाते हैं, गांव पर आवास ना होने की स्थिति में वह अक्सर बाहर ही अपने बच्चों सहित रहते हैं, वह अपने चार बच्चों व अपनी पत्नी के साथ आवास ना होने की दशा में इधर उधर भटक कर जीविका चला रहे हैं।

गोविंद चौधरी/ फोटो- राम नरेश चौधरी

गोविंद चौधरी पुत्र राम शंकर चौधरी ने बताया कि हम भी आवास के पात्र हैं, गांव में जमीन तो है घर बनवाने के लिए पैसा नहीं है इसलिए पंडितान करके अपने बच्चों सहित इसी में गुजर-बसर कर रहे हैं।

राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र सहारा/ फोटो- राम नरेश चौधरी

उक्त मामले को लेकर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुयी थी इस गांव में आवास योजना की हकीकत

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Ram Naresh Chaudhary

Ram Naresh Chaudhary

Basti Khabar, Special correspondent from Kesharaha Siddharthnagar


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