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पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी कौन थे?

Writer and Editor Pandit Banarsi Das Chaturvedi
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Writer and Editor Pandit Banarsi Das Chaturvedi

कुशल पत्रकार व साहित्यकार पंडित बनारसीदास जी का जन्म आगरा जिले के फिरोजाबाद में हुआ। गांधीवादी बनारसीदास जी ने उन्ही से पत्रकारिता की दीक्षा भी ली। वे राष्ट्रिय विचारधारा के पोषक थे। उन्होंने साहित्य व पत्रकारिता के मिले-जुले रूप को अपनाया और पूरा-पूरा सामान दिया।

वे कहते थे- "उन्मुक्त कंठ ही हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति है। स्वयं अपने लिए और लोक-हित के लिए उसका उपयोग हो बस साहित्य का यही युगधर्म है।"

महात्मा गाँधी के आश्रम में उन्हें विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर, सी. वाई. चिंतामणि, नेहरूजी, राजेंद्र प्रसाद व गणेश शंकर विद्यार्थी जैसी विभूतियों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह कहना ठीक ही होगा कि, ऐसे महापुरुषों की संगति ने उनके व्यक्तित्व को नए आयाम दिए।

सन 1922 में उन्होंने 'मर्यादा' के प्रवासी अंक का संपादन किया। फिर उन्हें 'विशाल भारत' के संपादन का अवसर मिला। यहाँ उन्होंने अपनी प्रतिभा का समुचित प्रदर्शन किया। कुछ ही समय में 'विशाल भारत' उच्चकोटि का साहित्यिक पत्र बन गया। 'विशाल भारत' ने अज्ञेय भगवती चरण वर्मा, अम्बिका प्रसाद बाजपेयी, कृष्ण दत्त पालीवाल, रामवृक्ष बेनीपुरी, रामधारी सिंह दिनकर व सियाराम शरण गुप्त आदि लेखकों से परिचय प्राप्त किया। इस पत्र में 'घासलेटी साहित्य' को चर्चा का विषय बनाया गया जिसमें आलोचकों के विचार तथा कार्टून प्रकाशित किये जाते थे। 'मतवाला' के माध्यम से 'उग्र' जी ने इनका उत्तर दिया जिसमें साहित्यिक विवाद लेखन का आरम्भ हुआ और तुलनात्मक समीक्षा को बल मिला।

माना जाता है कि पंडित चतुर्वेदी जी ने ही हिंदी में साक्षात्कार की विधा प्रारंभ की। 'रत्नाकर जी से बातचीत' को हिंदी का पहला साक्षात्कार माना जाता है।

उन्होंने 'विशाल भारत' के संपादन काल के दौरान आंदोलन आरम्भ किए। वे दलगत राजनीति से सदा दूर रहे। यदि बड़े पत्रों का संपादन भार संभाला तो छोटे-छोटे पत्रों को भी गौरव प्रदान किया। पत्र-संपादन के दौरान किसी के आगे नहीं झुके। जिस पत्र में कार्य किया, उसी के मालिक के विरूद्ध लिखने का साहस भी किया क्योकि वे भी आदर्शों पर चलने वाले पत्रकारों में एक थे।

देश के लिए मर-मिटने वाले शहीदों के प्रति उनके मन में बहुत आदर-भाव था इसलिए उन्होंने शहीदों के श्राद्ध का भार अपने ऊपर लिया ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।

वे जब तक जीवित रहे साहित्य-सेवा में लगे रहे। उनका पूरा जीवन एक प्रतिबद्ध पत्रकार का मिसाल था।

Rajan Chaudhary

Rajan Chaudhary

Chief Editor Basti Khabar, Owner of Internet Technology Tips Website "The Internet Tips"


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