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Thursday, August 18, 2022

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के शबरी जलप्रपात में डूबने से हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया, आर्थिक सहयोग के दिये निर्देश

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.
Shabari Falls Chitrakoot
Shabari Falls Chitrakoot

पीड़ित परिजनों को नियमानुसार अनुमन्य राहत राशि प्रदान किए जाने के निर्देश।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद चित्रकूट की तहसील मानिकपुर के शबरी जल प्रपात में डूबने से हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ित परिजनों को नियमानुसार अनुमन्य राहत राशि प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं।

राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद चित्रकूट की तहसील मानिकपुर के शबरी जल प्रपात में 04 व्यक्ति डूब गए, जिसमें 01 व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया तथा 03 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।

चित्रकूट जिले के शबरी जलप्रपात में एक परिवार के तीन रिश्ते में भाइयों की नहाते समय डूबने से मौत हो गई। जबकि चौथे युवक को सकुशल बचा लिया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार नहाने के दौरान सेल्फी लेते समय संतुलन बिगड़ने से एक युवक गिरा फिर उसे बचाने में तीनों डूब गये।

रविवार को लॉकडाउन होने से व्यापारी परिवार के युवक जो आपस में रिश्ते में भाई थे। मानिकपुर क्षेत्र के शबरी प्रपात पर्यटक स्थान पर मनोरंजन के लिए आए थे। उन्हें क्या मालूम कि जरा सी गलती से मौत के गाल में समा जायेंगे। बताया जा रहा है एक युवक स्नान करते समय मोबाइल से सेल्फी ले रहा था।

उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। जिसको बचाने के चक्कर में अन्य युवक बचाने की कोशिश की पर गहरा पानी होने के कारण डूब गये। जंगल में शबरी प्रपात बना होने से स्थानीय निवासी भी उस स्थान पर नहीं रहते जो कि डूबे युवकों को बचा सके।  

“शबरी जल प्रपात के आसपास पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई कार्य कराए गए हैं। बारिश के दिनों में गहरे व तेज बहाव में लोगों को नहाने के लिए मना किया जाता है, लेकिन उत्साह में कुछ लोग लापरवाही करते हैं”। – कैलाश प्रकाश (डीएफओ) 

बाइक से आये थे सभी घूमने

कोविड वीकेंड होने पर ही अतर्रा निवासी पीयूष, मोहित, साहिल साहू अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बाइक से शबरी जलप्रपात पहुंचे थे। रास्ते में तो सभी बाइक चालक सुरक्षा के लिए हेलमेट भी पहने थे लेकिन नहाते समय सुरक्षा में तनिक चूक तीन घर पर भारी पड़ गई।

मौके पर कोई विशेषज्ञ गोताखोर तो थे नहीं जब यह घटना की जानकारी हुई तो आसपास गांव के कुछ कोल समुदाय के युवकों ने साहस दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और युवकों को बाहर निकाल लिया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों के पहुंचने के पहले ही चारों (आकाश समेत जो बाद में जिंदा बचा) को बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों की मानें तो चारों जिंदा थे और और उन्हें अस्पताल ले जाते समय ही मौत हो गई। 

नजदीक के कारण ले गये मझगवां

मारकुंडी के शबरी जलप्रपात स्थल पर दर्दनाक हादसे के बाद पानी से निकाले गये पीयूष, मोहित, साहिल को मप्र के मझगवां अस्पताल ले जाया गया। बताया गया है कि घटना स्थल से मझगवां मप्र अस्पताल लगभग 15 किमी है जबकि मानिकपुर सीएचसी 30 किमी है। इस घटना की मानिकपुर तक सूचना पहुंचने के बाद वहां से एबुंलेस, पुलिस व प्रशासन की टीम को पहुंचने में देरी हुई। स्थानीय लोगों की मानें तो पानी से निकालने के बाद तीनों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का लगभग 25 मिनट इंतजार करना पड़ा।

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