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Monday, February 6, 2023

जन्मतिथि बदलकर वृद्धावस्था पेंशन लेने की शिकायत पर मंडलायुक्त ने समाज कल्याण अधिकारी को लगाई फटकार

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती। जिले में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। अब आधार कार्ड की जन्मतिथि बदलकर वृद्धावस्था पेंशन लेने के एक मामले में मंडलायुक्त बस्ती ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि इस प्रकरण में “सत्य जन्मतिथि की बिना जॉंच कराये अनर्गल प्रलाप किये गये है,जो आपत्तिजनक है।” शिकायतकर्ता का आरोप था कि समाज कल्याण विभाग बस्ती की साठ-गाँठ से जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपात्र वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं।

मामला बेलवाडाड़ गांव का है जहां राम सूरत नाम के व्यक्ति ने आधार कार्ड की जन्मतिथि को बदलकर अधिकारियों के मिलीभगत से 60 वर्ष की उम्र से पहले ही अपनी वृद्धावस्था पेंशन बनवा ली।

जिले में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रेम नारायण ने जिलाधिकारी, बस्ती को शिकायती पत्र देकर यह भी आरोप लगाया है कि नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर जिला समाज कल्याण अधिकारी, बस्ती और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने अपात्र आवेदक से उपकृत होकर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का काम किया है।

पेंशनधारी राम सूरत के शैक्षणिक दस्तावेजों में जन्मतिथि 22/08/1960 है और पेंशन प्राप्त करने के लिए बनवाए गए फर्जी दस्तावेज (आधार कार्ड) में जन्मतिथि 01/01/1954 अंकित है। डॉ. प्रेम नारायण बताते हैं कि “हमने इस संबंध में अधिकारियों को पर्याप्त प्रमाणिक साक्ष्य भी दिया है लेकिन उन्होंने निष्पक्ष जांच करने के बजाय अब तक भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का ही काम किया है। अगर इसी तरह अधिकारियों की मनमानी चलती रही और अपात्रों को पेंशन मिलती रही तो तमाम पात्र जरूरतमंदों के साथ यह अन्याय होगा।”

जिला समाज कल्याण अधिकारी बस्ती श्री प्रकाश पाण्डेय लगातार बेतुकी बयानबाजी करते हुए शिकायतकर्ता की आईजीआरएस पर दी गई तमाम शिकायतों पर बार-बार अपनी रिपोर्ट में एक ही बात अंकित करते रहे कि आवेदन के समय आवेदक द्वारा आधार कार्ड की प्रति अपलोड की गई थी जिसके अनुसार आवेदन के समय उसकी उम्र 60 वर्ष पूरी थी। लेकिन शिकायतकर्ता की असंतुष्टि के आधार पर जब यह शिकायत अपीलीय अधिकारी मंडलायुक्त, बस्ती तक पहुंची तो उन्होंने अपने आदेश में लिखा कि किसी भी व्यक्ति की एक ही जन्मतिथि सत्य होती है शेष निराधार होती है। परन्तु इस प्रकरण में सत्य जन्मतिथि की बिना जॉंच कराये अनर्गल प्रलाप किये गये है, जो आपत्तिजनक है। सत्य जन्मतिथि ज्ञात करायें। यदि दोषी कोई है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही कर अवगत भी करायें।

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