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सरकार ने पीपीएफ और वरिष्ठ नागरिकों की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में की भारी कटौती

सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और लोक भविष्य निधि समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 2020-21 की पहली तिमाही के लिए 1.4 फीसदी तक घटा दी हैं.

नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएसएस) और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 2020-21 की पहली तिमाही के लिए 1.4 फीसदी तक घटा दी हैं.

लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार एक से तीन साल की मियादी जमा राशि पर ब्याज अब 5.5 फीसदी मिलेगा जो फिलहाल 6.9 फीसदी है. यानी इस पर ब्याज में 1.4 फीसदी की कटौती की गयी है.

वहीं पांच साल के लिए मियादी जमा पर ब्याज 6.7 फीसदी मिलेगा जो फिलहाल 7.7 फीसदी है.

इस तरह इन लघु बचत योजनाओं पर 0.70 फीसदी से लेकर 1.4 फीसदी तक कटौती की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दर 8.6 फीसदी से घटाकर 7.4 फीसदी कर दी गई है.

वहीं, किसान विकास पत्र का 124 महीने में ब्याज दर 6.9 फीसदी कर दिया गया है जो कि पहले 113 महीने में 7.6 फीसदी था.

पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज दर में 0.8 फीसदी की कटौती की गई है, पीपीएफ पर अब 7.1 फीसदी की ब्याज दर मिलेगी, जबकि पहले यह 7.9 फीसदी थी.

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दर में 1.4 फीसदी की कटौती की गई है. एक साल के पोस्ट ऑफिस एफडी पर 5.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा जबकि पहले यह 6.9 फीसदी था. पांच साल के एफडी पर 6.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा.

सुकन्या समृद्धि योजना के ब्याज दर में 0.8 फीसदी की कटौती की गई है. सुकन्या समृद्धि योजना में अब 7.6 फीसदी का ब्याज मिलेगा, जो पहले 8.4 फीसदी था.

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएसएस) में 1.1 फीसदी की कटौती की गई है. एनएसएस में अब 6.8 फीसदी ब्याज मिलेगा, जबकि पहले इसपर 7.9 फीसदी का ब्याज मिल रहा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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