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Tuesday, October 4, 2022

नारी में सृष्टि की शक्ति विद्यमान है, वह राष्ट्र निर्मात्री के रूप में पूजनीय है: ओम प्रकाश आर्य

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती: “महिला सशक्तिकरण भौतिक, आध्यात्मिक, शारीरिक, मानसिक सभी स्तर पर महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा कर उन्हें सशक्त बनाने की प्रक्रिया है। सशक्तिकरण की प्रक्रिया ने  समाज को पारम्परिक परिस्थितियों जन्य दृष्टिकोण के प्रति जागरूक, महिलाओं के सामाजिक समता, स्वतन्त्रता और न्याय के अधिकारों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।” उक्त बातें महिला थानाध्यक्ष भाग्यवती पाण्डेय ने स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुर्तीहट्टा पुरानी बस्ती में आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यशाला में समस्त को सम्बोधित करते कहीं।

महिला थानाध्यक्ष भाग्यवती पाण्डेय के साथ स्वरक्षा के गुण सीखती विद्यालय की बच्ची / फोटो - डॉ. एसके सिंह
महिला थानाध्यक्ष भाग्यवती पाण्डेय के साथ स्वरक्षा के गुण सीखती विद्यालय की बच्ची / फोटो – डॉ. एसके सिंह

इससे पूर्व विद्यालय में आयोजित वैदिक यज्ञ में सम्मिलित होकर उन्होंने लोककल्याण के लिए आहुतियाँ दीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जहाँ हर समय जीवन खोने का खतरा बना हुआ है ऐसे में खासकर बच्चियों तथा महिलाओं को स्वरक्षा का प्रशिक्षण देने की विशेष आवश्यकता है। आत्मरक्षा का अस्तित्व परिस्थितियों से है जहाँ व्यक्ति के जीवन पर अकस्मात् खतरा उत्पन्न हो जाए तथा जहाँ से बचने या मदद मांगने के समस्त राह समाप्त हो जाती है वहां, आप वार कर अपनी क्षमता का उपयोग कर जीवन की रक्षा कर सकतीं हैं। उन्होंने हेल्पलाइन नम्बर 1090,181,112 के बारे मे बताते हुए बच्चियों को स्वरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने कहा कि, भारत में महिलाओ को देवी का स्थान दिया गया है।आज बाहरी आवरण कुछ तो संतोषजनक हैं पर घरेलू हिंसा अभी भी उसी स्थिति में है। महिलाओं के साथ हिंसा, सामाजिक परम्पराओं के विरुद्ध उत्पीड़न, नारी शोषण आदि घरेलू हिंसा नारियों की अस्मिता, विश्वास, प्रतिभा को परेशान एवं उसका गला घोंट रहीं हैं। आज आवश्यकता है सभी भारतीय नागरिक एकताबद्ध होकर सभी नारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। पुरूषों को ज्यादा जागरूक होने की आवश्यकता है जिससे महिलाओं को पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।

प्रबन्धक ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि, नारी में सृष्टि की शक्ति विद्यमान है। नारी अब बेचारी नहीं राष्ट्र निर्मात्री के रूप में पूजनीय है। नारी सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है, इस पर सरकार कई कानून और अधिकार महिलाओं को विशेष रूप से दे रही है पर स्वतन्त्रता नहीं होने के कारण महिलाएं अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाती है। इसलिए महिलाओं को खुद आत्मनिर्भर बनना होगा जिससे उनके साथ हो रहे अपराधों को कम किया जा सके और महिलाओं को स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

कार्यक्रम में गरुण ध्वज पांडे, अरविंद श्रीवास्तव, दिनेश मौर्य, अनीशा मिश्रा, नीतीश कुमार, अनूप त्रिपाठी, साक्षी गुप्ता, अंशिका पाण्डेय और श्रेया सहित बहुत से अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ  सम्मिलित हुए।

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