मास्क का प्रयोग करने से ही वायरस का खतरा 40% तक कम हो जाता है : डॉo राजशेखर

 मास्क का प्रयोग करने से ही वायरस का खतरा 40% तक कम हो जाता है : डॉo राजशेखर

बस्ती। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक जिले के नोडल अधिकारी डॉ० राजशेखर ने कहा है कि कोरोना वायरस का असर अभी कम नहीं हुआ है। इसलिए कोई भी नागरिक इसे हल्के में न लें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें तथा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करें।

उन्होंने लोगों से कोरोना वायरस की रोकथाम एवं बचाव के लिए जन जागरूकता अभियान संचालित करने का अपील किया है। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव ही एकमात्र उपाय है, क्योंकि अभी तक इसकी कोई दवा नहीं बनी है।

उन्होंने कहा कि पिछले 5 दिनों में उन्होंने जिले के अस्पतालों का निरीक्षण किया है। कोरोना वायरस के प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्था ठीक है, परंतु शहर और ग्रामीण क्षेत्र में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। वायरस अभी समाप्त नहीं हुआ है और लोग बिना मास्क के बाजारों में निकल रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल मास्क का प्रयोग करने से ही वायरस का खतरा 40% तक कम हो जाता है। यदि मास्क नहीं है तो रुमाल या गमछा का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड में तथा गांव में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। इसके माध्यम से गंभीर रोगों वाले व्यक्तियों, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है। निगरानी समितियों के सहयोग के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी, स्काउट गाइड, एनसीसी, युवक मंगल दल, आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका को जोड़ा जा सकता है। इनके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है कि वह कोरोना वायरस के प्रोटोकॉल का पालन करें।

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उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन तथा नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वह अपने नर्सिंग होम क्लीनिक के सामने लाउडस्पीकर से कोरोना वायरस प्रोटोकॉल के बारे में लोगों को जागरूक करें। पंपलेट और पोस्टर लगाएं। मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को रहने की अनुमति दें। यदि बीच में तीमारदार को बदलने की जरूरत होती है, तो उसका भी कोरोना टेस्ट कराएं। अपने क्लीनिक एवं नर्सिंग होम में वायरस के प्रोटोकॉल को पूरा पालन करें। नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका और नगर पंचायत में कोरोना वायरस से रोकथाम एवं बचाव के व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य करें। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि कि वे रात में 9 बजे से प्रातः 5:00 बजे तक के कर्फ्यू का अनुपालन कराएं। प्रोटोकॉल तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करें।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसपीजीआई लखनऊ के न्यूरो सर्जन डॉ० अवधेश जायसवाल ने बताया कि नर्सिंग होम सामान्य एवं इमरजेंसी दोनों प्रकार के ऑपरेशन कर सकते हैं, परंतु इसके लिए उन्हें बेहद कड़ाई से प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। अपने स्टाफ की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करने होंगे। एक मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को ही अनुमति दें। उन्होंने कहा कि जिले में 41 निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई है, इन अस्पतालों को भी टुनेट मशीन लगाने के बारे में सोचना चाहिए। इससे उनके कार्य में आसानी होगी।

बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा, सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, आईएमए के डॉ०अनिल श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ० जेपी त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ० फखरेयार हुसैन, डॉ० सी एल कन्नौजिया, डॉ० नवीन श्रीवास्तव, डॉ०अश्वनी श्रीवास्तव, डॉ०दीपक श्रीवास्तव, डॉ० बीपी त्रिपाठी, डॉ० पीके श्रीवास्तव, रेड क्रॉस के कुलविंदर सिंह तथा दीपेंद्र सिंह, स्काउट गाइड के कुलदीप सिंह तथा हरेंद्र सिंह, अरुण पांडे आदि उपस्थित रहे।

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Report- Alok Chaudhary

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