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Uttar Pradesh
Wednesday, November 30, 2022

योग के अनुष्ठान से मन शक्तिशाली व तन निरोगी व पुरुषार्थी होता है-गरुण ध्वज

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती।अनुलोम विलोम प्राणायाम को नाड़ी शोधक प्राणायाम भी कहते है पूरे संकल्प एवं ध्यान के साथ इसे करने पर व्यक्ति लोभ, मोह, मद आदि बन्धनों से छूट जाता है साथ ही क्रोध पर पूरी तरह नियन्त्रण हो जाता है। व्यक्ति दिखने में तो सामान्य किन्तु असाधारण प्रतिभा का धनी हो जाता है। योग के अनुष्ठान से मन शक्तिशाली व तन निरोगी व पुरुषार्थी हो जाता है।उक्त बातें जनता इण्टर कालेज (मंझरिया) भादी में आयोजित 3 दिवसीय योग शिविर में युवा साधकों को प्राणायाम कराते हुए योग प्रशिक्षक गरुण ध्वज पाण्डेय ने कही। बताया कि इससे माइग्रेन एवं तनाव से मुक्ति मिलती है। व्यायाम कराते हुए उन्होंने सूक्ष्म व्यायाम व यौगिक जौगिंग के अलावा आज भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, शलभासन एवं शवासन का अभ्यास कराते हुए बताया कि कठिन आसन से जब शरीर थक जाता है तो शवासन से पूरे शरीर की थकान खतम हो जाती है और व्यक्ति पुनः ऊर्जावान हो जाता है।

वैद्य अजय चौधरी ने बताया कि अधकपारी के लिए शुद्ध सरसों तेल की दो से तीन बूॅद दर्द से विपरीत नासिका में डालकर नास लेने से मात्र एक सप्ताह में रोग ठीक हो जाता है। ओम प्रकाश आर्य जिला प्रभारी भारत स्वाभिमान ने बताया कि अशुद्ध खानपान से आज व्यक्ति रोगों से इतना परेशान हो चुका है कि अनावश्यक दवाइयों के चक्कर में पड़कर स्वास्थ्य व धन दोनों बर्बाद कर रहा है जबकि योग के साथ उचित आहार विहार में सभी समाधान है। आमजनमानस के उत्तम स्वास्थ्य के लिए जिले भर में निःशुल्क योग शिविरों का माध्यम से लोगों को आस पास पाए जाने वाली जड़ी बूटियों की भी पहचान कराई जाएगी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक विवेक मिश्र ने माना कि योग से स्वयं उनके भीतर भी काफी चुस्ती फुर्ती महसूस हो रही है। विद्यार्थियों के लिए योग वास्तव में वरदान सिद्ध होगा। सह योग शिक्षक शिव श्याम व सहायक दीपक शुक्ल ने व्यायाम करने के तौर तरीके समझाते हुए सावधानियाँ समझाई।

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