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ये हैं वो 10 लोग, जो राम मंदिर कैसा बनेगा इसका फैसला करेंगे

ये हैं वो 10 लोग, जो राम मंदिर कैसा बनेगा इसका फैसला करेंगे
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अयोध्या में राम मंदिर के लिए केंद्र सरकार ने ट्रस्ट बनाने का ऐलान कर दिया. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अयोध्या में मंदिर बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की. ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे. इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे.

स्थायी सदस्यों को वोट देने का अधिकार होगा. गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि सदस्यों में से एक दलित समाज से होगा. केंद्र ने 10 नामों की जानकारी दे दी है. राम मंदिर ट्रस्ट में एक-एक प्रतिनिधि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से नामित होगा. ये सदस्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में कार्यरत होंगे. इसके साथ ही अयोध्या के जिलाधिकारी पदेन ट्रस्टी होंगे. बाकी सदस्यों को बोर्ड ऑफ ट्रस्ट चुनेगा. सभी सदस्यों का हिंदू होना अनिवार्य है. अब तक जिन नामों का ऐलान हुआ है, उनके बारें में संक्षेप में जान लीजिए.

1.नाम- केशवन आयंगर पराशरण
क्या करते हैं- वकालत. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील.
शहरः नई दिल्ली

पराशरण ने अयोध्या मामले में 9 साल तक हिंदू पक्ष की पैरवी की. पराशरण को हिन्दू ग्रंथों की जबरदस्त जानकारी है. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे हैं. 1927 में तमिलनाडु के श्रीरंगम में उनका जन्म हुआ. इनके पिता भी वकील थे. पराशरण के तीनों बेटे भी वकील हैं. पराशरण 1958 से प्रैक्टिस कर रहे हैं. 2003 में NDA सरकार थी, तब उन्हें पद्म भूषण दिया गया. उन्हें 2011 में UPA के पहले कार्यकाल में पद्म विभूषण मिला. भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे. उसके बाद अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया भी बने. अभी इनके घर से ही ट्रस्ट का काम चलेगा.

के पाराशरण के बेटे मोहन पाराशरण भी सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं. (तस्वीर साभार: बार एंड बेंच )
के पराशरण के बेटे मोहन पराशरण भी सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं. (तस्वीर साभार: बार एंड बेंच )

2. नाम- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज
क्या हैं- शंकराचार्य.
शहर- प्रयागराज

बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं. राम मंदिर निर्माण के लिए आयोजित शिलापूजन में शामिल होते रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद में भी शामिल हुए हैं. इन्हें शंकराचार्य की पदवी दिए जाने पर विवाद हुआ था. द्वारका पीठ के शंकराचार्य ने इनके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था.

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज. (File)
शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज. (File)

3. नाम- जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ महाराज
क्या करते हैं- कर्नाटक के पेजावर मठ के प्रमुख है.
शहर- उडुपी

ये कर्नाटक के पेजावर मठ के 35वें पीठाधीश्वर हैं. इनका जन्म 1964 में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में हुआ था. वे 2019 में स्वामी विश्वेश तीर्थ के निधन के बाद पेजावर मठ के प्रमुख बने थे. स्वामी विश्वेश तीर्थ राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ने वाले शुरुआती लोगों में से एक थे.

स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ पेजावर पीठ के प्रमुख हैं. (File Photo)
स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ पेजावर पीठ के प्रमुख हैं. (File Photo)

4. नाम- युगपुरुष परमानंद महाराज
क्या करते हैं- अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख
शहर- हरिद्वार

इनका जन्म उत्तर प्रदेश के मावी गांव में हुआ. उनके उपदेशों पर 150 से ज्यादा किताबें लिखी गई हैं. इनकी अपनी वेबसाइट भी हैं. इस पर बताया गया है कि ये ‘अखंड परमधाम’ नाम का नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन चलाते हैं. देशभर में इनके आश्रम हैं. आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से भी उनका जुड़ाव रहा है.

परमानंद महाराज. ( Twitter)
परमानंद महाराज. ( Twitter)

5. नाम- स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज
क्या करते हैं- धार्मिक उपदेशक
शहर- पुणे

इनका जन्म 1949 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में हुआ. उनके बचपन का नाम किशोर मदनगोपाल व्यास था. उन्होंने फिलॉसफी में ग्रेजुएशन कर रखा है. इनका परिवार शुरू से ही कथा वाचन से जुड़ा रहा. स्वामी गोविंददेव गिरि ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया. 17 साल की उम्र में उन्होंने गांव में श्रीमद्भागवत पर उपदेश दिया था.

स्वामी गोविंद गिरी का आश्रम पुणे में हैं. (Facebook)
स्वामी गोविंद गिरि का आश्रम पुणे में हैं. (Facebook)

6. नाम- विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र
क्या करते हैं- समाजसेवा
शहर- अयोध्या

अयोध्या के पूर्व राज परिवार के सदस्य हैं. 55 साल के विमलेंद्र समाजसेवा से जुड़े रहे हैं. वे अयोध्या रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य भी हैं. 2009 में BSP के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. साल 2002 में BJP ने शिलादान कार्यक्रम शुरू किया था. लेकिन विमलेंद्र के दखल के बाद इस अभियान को ज्यादा उछाल नहीं दिया गया. उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र से मदद मांगी थी.

विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र.
विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र.

7. नाम- डॉ. अनिल मिश्र
क्या करते हैं- होम्योपैथिक चिकित्सक
शहर- फैजाबाद

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर के पतौना गांव में जन्म हुआ. अभी में फैजाबाद रहते हैं. राम मंदिर आंदोलन के दौरान विनय कटियार के साथ रहे. बाद में आरएसएस में शामिल हो गए. अभी यूपी होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार पद पर हैं.

8. नाम- कामेश्वर चौपाल
क्या करते हैं- राजनीति/समाजसेवा
शहर- पटना

ये दलित समाज से आते हैं. पटना में रहते हैं. कामेश्वर ने अपनी पढ़ाई-लिखाई मधुबनी जिले में की. उनके एक अध्यापक संघ के कार्यकर्ता हुआ करते थे. उन्हीं के जरिए कामेश्वर संघ के संपर्क में आए. 1989 में राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे. उन्हें मंदिर के शिलान्यास में पहली ईंट रखने के लिए चुना गया था. आरएसएस ने उन्हें पहले कारसेवक का दर्जा दे रखा है. 1991 में रामविलास पासवान और 2014 में रंजीता रंजन के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली.

कामेश्वर चौपाल लंबे समय से राम मंदिर मामले से जुड़े रहे हैं. (Photo Twitter)
कामेश्वर चौपाल लंबे समय से राम मंदिर मामले से जुड़े रहे हैं. (Photo Twitter)

9. नाम- महंत धीरेंद्र दास
क्या करते हैं- निर्मोही अखाड़े के महंत
शहर- अयोध्या

अयोध्या के मठिया सरैया गांव के रहने वाले हैं. अयोध्या में बीए की पढ़ाई करने के दौरान निर्मोही अखाड़े के करीब आए. 1992 में अखाड़े के नागा बन गए. 2017 में महंत भास्कर दास के निधन के बाद अयोध्या में निर्मोही अखाड़े के महंत बने.

महंत धीरेंद्र नाथ निर्मोही अखाड़े के प्रमुख हैं. (ANI)
महंत धीरेंद्र नाथ निर्मोही अखाड़े के प्रमुख हैं. (ANI)

10. अयोध्या के कलेक्टर. अगर इस पद पर हिंदू नहीं होता है, तो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ट्रस्ट के सदस्य होंगे. इस वक्त अनुज कुमार झा अयोध्या के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हैं.

11. केंद्र सरकार का प्रतिनिधि. आईएएस होना चाहिए. जॉइंट सेक्रेटरी की पोस्ट तक का कोई अफसर.

अयोध्या में राम मंदिर के लिए काफी समय से पत्थरों को तराशे जाने का काम चल रहा है. (PTI)
अयोध्या में राम मंदिर के लिए काफी समय से पत्थरों को तराशे जाने का काम चल रहा है. (PTI)

12. राज्य सरकार का प्रतिनिधि. राज्य सरकार के अधीन आईएएस अफसर. सेक्रेटरी की पोस्ट तक का कोई अफसर.

13. राम मंदिर विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों के चेयरमैन. इनकी नियुक्ति ट्रस्ट के सदस्य करेंगे.

14 & 15. इन दो सदस्यों को बोर्ड ऑफ ट्रस्टी बहुमत से चुनेंगे. किसी को भी चुन सकते हैं. बस हिंदू होना चाहिए.

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