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सीएम योगी को 'दंगाई' बताने वाले दो कांग्रेसी कार्यकर्ता जेल पहुंचे

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं को 15 मार्च को जेल भेज दिया गया. इन्हें 14 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, इन दोनों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या सहित कई BJP नेताओं के पोस्टर लगाकर उन्हें ‘दंगाई’ बताया था.

पोस्टर में क्या था?

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वालों की फोटो होर्डिंग पर लगाने के जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी नेताओं के होर्डिंग लगाए थे. इंडियन एक्सप्रेस की खबर मुताबिक़, एक पोस्टर में लिखा गया था, ‘लोग जवाब चाहते हैं. इन दंगाइयों से वसूली कब होगी?’ योगी आदित्यनाथ का ज़िक्र करते हुए कहा गया, ‘लोकसभा चुनाव के हलफनामे के मुताबिक़ योगी गोरखपुर दंगों को भड़काने के मुख्य आरोपी हैं. इन पर पांच गंभीर आरोप लगे हुए हैं.’

पोस्टर में कहा गया, ‘केशव मौर्य पर दंगों के आरोप हैं. कौशाम्बी में 11 मामलों का सामना कर रहे हैं.’

14 मार्च की देर रात कांग्रेस कार्यकर्ता सुधांशु बाजपेयी और अश्विनी को गिरफ्तार किया गया था. एक और कार्यकर्ता लालू कनौजिया भी इस मामले में कथित तौर पर शामिल हैं. पुलिस ने FIR में सुधांशु और लालू के बारे में इस तरह ज़िक्र किया, ‘जैसा कि पोस्टर पर उनके नाम लिखे गए थे.’

पुलिस क्या कह रही है?

एक पुलिस अफसर ने बताया कि बीजेपी ऑफिस के सामने जब पोस्टर लगाए गए, उस वक्त अश्विनी के स्कूटर का इस्तेमाल किया गया था. यह जानकारी जांच के दौरान सीसीटीवी स्कैन करते हुए मिली थी.

लखनऊ सेंट्रल के डीसीपी दिनेश सिंह ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत करते हुए बताया-

उन्हें इसलिए गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि होर्डिंग में पब्लिशर का नाम नहीं है. उन पर आईपीसी का धारा 505(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कांग्रेस और बीजेपी ने मामले पर क्या कहा है?

इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सरकार की जमकर खिंचाई की. उन्होंने कहा-

यह सरकार नियम-कानून का पालन नहीं करती है. जो मर्ज़ी होता है, वो कर रही है. यदि ये पोस्टर देख इतने गुस्से में हैं, तो सोचिए अगर जनता के सामने इनकी गैरकानूनी चीजें बेपर्दा हो जाएं, तो क्या होगा. मैं संविधान की प्रति आदित्यनाथ को गिफ्ट देना चाहता हूं, ताकि वह इसे अच्छी तरह से पढ़ें. वे राज्य को अपने मठ की तरह चलाना चाहते हैं, जो कि असंवैधानिक है.

इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा-

इस वाहियात हरकत में शामिल कार्यकर्ताओं को कांग्रेस को सस्पेंड करना चाहिए था. यह बात राजनीति की नहीं है. पुलिस प्रशासन ने जांच की है. नियमों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी हुई है.

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