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Uttar Pradesh
Monday, September 20, 2021

यूपी: कांग्रेस एमएलसी ने सरकारी आवास पर मांगा ‘चूल्हा’, कहा- लकड़ी एलपीजी सिलेंडर से सस्ती है

भारत

कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह को जिस भवन में आवास आवंटित किया गया है, उसके प्रभारी को लिखे पत्र में यह मांग करते हुए उन्होने कहा कि 2024 से पहले एलपीजी की ऊंची कीमत से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

उत्तर प्रदेश के एक कांग्रेस एमएलसी ने एलपीजी सिलेंडर की ऊंची कीमत का हवाला देते हुए अपने यहां सरकारी आवास पर गैस स्टोव के बजाय ‘चुल्हा’ उपलब्ध कराने को कहा है।

कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह को जिस भवन में उन्हें आवास आवंटित किया गया है, उसके प्रभारी को लिखे पत्र में उन्होने यह मांग करते हुए कहा कि 2024 से पहले एलपीजी की ऊंची कीमत से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

सिंह ने कहा, “मुझे आवंटित अपार्टमेंट और डालीबाग में बहुमंजिला इमारत के सभी तीन ब्लॉकों में ‘चुल्हे’ की व्यवस्था सुनिश्चित करें क्योंकि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत की तुलना में लकड़ी और कोयला सस्ता है।”

उन्होंने दावा किया कि 975 रुपये के एलपीजी सिलेंडर को महीने में दो बार भरना पड़ता है, जबकि एक चूल्हे पर खाना पकाने की लागत 500 रुपये प्रति माह होगी।

सिंह ने दावा किया कि उनके भवन में रहने वाले अधिकांश विधायक भी यही व्यवस्था चाहते हैं क्योंकि 2024 से पहले एलपीजी की ऊंची कीमत से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

तेल कंपनियों के मूल्य अधिसूचना के अनुसार, लखनऊ में सब्सिडी वाले और बिना सब्सिडी वाले एलपीजी के 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 900 रुपये से अधिक है।

कांग्रेस पार्टी ईंधन की कीमतों में वृद्धि को लेकर सरकार पर हमला करती रही है और मांग करती रही है कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कुछ करों को हटाकर आम आदमी पर बोझ कम किया जाए।

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