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UP Court Update: जीवन की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं- प्रयागराज हाईकोर्ट

-बालिग हैं तो अपनी मर्जी के व्यक्ति के साथ रहने का हक।

प्रयागराज| इलाहाबाद हाईकोर्ट में लड़का-लड़की, स्त्री और पुरुष अपनी मर्जी से जिसके साथ रहना चाहे रह सकते हैं, कहते हुए बताया कि अभिभावकों, कोर्ट या परिवारिक रिश्तेदारों को भी जीवन की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

हाईकोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के कई फैसलों का हवाला देते हुए बताया कि बालिग लड़का या लड़की अपनी पसंद से जिसके साथ रहना चाहे रह सकते हैं। परिवार की ओर से उन्हें परेशान करने एवं जीवन की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने से रोकने का आदेश देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने याचिका ख़ारिज कर दी। साथ ही याची को छूट दे दी कि वह नियमानुसार परेशान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रेशमा देवी व अन्य की याचिका पर जारी किया है।

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