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Basti: ढैंचा की बुवाई कर आगामी फसलों के लिए भूमि को स्वस्थ बनाएं किसान

बस्ती| वर्तमान समय में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में प्राय: सभी फसलों की कटाई हो चुकी है। आज जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा भी हुई है, जिसके कारण खेत में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो गई है। गेहूं की कटाई के पश्चात धान की रोपाई के पूर्व खेत प्रायः खाली पड़े रहते हैं, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में कृषकों के लिए यह उपयोगी होगा कि वह अपने खेत में हरी खाद हेतु ढैंचा फसल की बुवाई करें तथा 45 दिन पश्चात इसे मिट्टी में पलट कर धान की रोपाई करें। इससे जहां एक ओर मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर तमाम आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता भी मिट्टी में बढ़ेगी। मिट्टी की दशा में सुधार होने से आगामी धान की उत्पादकता में भी वृद्धि हो सकेगी।

कृषकों के उपयोग हेतु जनपद के सभी विकास खंडों के राजकीय कृषि बीज भंडारों पर ढैंचा बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। ढैंचा बीज 5400 रुपए प्रति कुंतल की दर से एक कृषक को अधिकतम 2 हेक्टर क्षेत्रफल के लिए बीज उपलब्ध हो सकेगा।

विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जनपद में विकासखंड गौर, कप्तानगंज, बहादुरपुर, बस्ती सदर, कुदरहा, सलतौवा गोपालपुर एवं रुधौली में धान के क्लस्टर प्रदर्शन कृषि विभाग द्वारा आयोजित किए जाने हैं। इन प्रदर्शनों के अंतर्गत धान की बुवाई/रोपाई के पूर्व खेत में हरी खाद के प्रयोग की भी कार्ययोजना बनाई गई है। प्रदर्शन क्षेत्र के कृषकों को 90% अनुदान पर ढैचा बीज उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त अन्य कृषि निवेश जैसे बीज, कृषि रक्षा रसायन, सूक्ष्म तत्व आदि भी अनुदानित दर पर प्रदर्शन से संबंधित कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रदर्शन 100 हेक्टेयर के क्लस्टर में आयोजित किए जाने हैं।

अतः प्रदर्शन के कृषक भी ढैंचा बीज का उपयोग कर अपनी भूमि की दशा को सुधारते हुए धान की अच्छी उत्पादकता प्राप्त कर सकते हैं।जनपद में अब तक 280 कुन्तल ढैंचा बीज प्राप्त हो चुका है। विभिन्न विकास खंडों पर आवश्यकता के अनुरूप और अधिक ढैंचा बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।

कृषकों को बीज गोदामों से ढैंचा मूल्य के संपूर्ण धनराशि को जमा कर बीज को प्राप्त किया जा सकेगा तथा अनुदान की धनराशि नियमानुसार उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित होगी।

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