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उत्तर प्रदेश: राशन दुकान आवंटन के दौरान गोली चलाने वाले आरोपी का भाजपा विधायक ने किया बचाव

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (बाएं से दूसरे) के साथ आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (दाएं से दूसरे). (फोटो साभार: फेसबुक)
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भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (बाएं से दूसरे) के साथ आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (दाएं से दूसरे). (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के एक गांव में राशन की दुकान के आवंटन को लेकर हुए विवाद के दौरान बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक स्थानीय भाजपा नेता ने एक व्यक्ति को गोली मारकर हत्या कर दी थी. बलिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई.

बलिया/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया में राशन की दुकान के आवंटन को लेकर हुए विवाद के दौरान गुरुवार को कथित तौर पर स्थानीय भाजपा नेता द्वारा एक व्यक्ति को गोली मारे जाने का मामला सामने आया है.

आरोपी को भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा. बलिया जिले की बैरिया सीट से विधायक सुरेंद्र सिंह ने आरोपी का बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई. अगर वे ऐसा नहीं करते तो उनकी तरफ के दर्जनों लोग मारे जाते.

यह घटना गुरुवार को बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुई. आरोपी भाजपा नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित मौके पर मौजूद कई लोगों के सामने 45 वर्षीय एक शख्स को गोली मार दी.

मृतक की पहचान जय प्रकाश पाल के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से शख्स को गोली मार दी.

एसपी बलिया देवेंद्र नाथ ने बताया, 'दुर्जनपुर गांव में राशन की दुकान के आवंटन के दौरान दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया. इसमें से एक पक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह समर्थन कर रहा था.'

इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया. दोनों ओर से ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे भी चले. इस दौरान छह लोग घायल भी हुए हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

एसपी नाथ के मुताबिक, 'दोनों पक्षों ने मामले को सुलझाने से इनकार कर दिया. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आवंटन प्रक्रिया रोकने का फैसला किया. एसडीएम सुरेश कुमार पाल ने आवंटन प्रक्रिया रोककर गांववालों से घर जाने को कहा. जैसे ही लोग जाने लगे, धीरेंद्र प्रताप सिंह ने गोली चला दी, जिसमें जयप्रकाश घायल हो गए. अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई.'

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक जयप्रकाश पाल के भाई चंद्रमा पाल की तहरीर पर धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया. इस बीच क्षेत्राधिकारी चंद्रकेश सिंह के नेतृत्व में बैरिया, रेवती आदि थानों की पुलिस दुर्जनपुर गांव में तैनात कर दी गई है.

मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सुरेश कुमार पाल और सर्किल अधिकारी चंद्रकेश कुमार सहित मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि इस मामले में रेवती पुलिस थाने के स्टेशन ऑफिसर की भूमिका की भी जांच की जा रही है.


वाराणसी जोन के एडीजी ब्रज भूषण ने शुक्रवार को बताया, 'यह एक दुखद घटना है, आठ नामजद आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है. किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. घटना के समय जितने पुलिसकर्मी गांव मौजूद थे, उन्हें निलंबित कर दिया गया है.'

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी का भाई भी है, जिसकी पहचान देवेंद्र प्रताप सिंह के रूप में कई गई है.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, धीरेंद्र प्रताप सिंह को भाजपा का स्थानीय नेता कहा जा रहा है. हालांकि भाजपा के बलिया जिला इकाई के अध्यक्ष जय प्रकाश साहू ने सिंह को पार्टी का कार्यकर्ता मानने से इनकार किया है. उन्होंने कहा है कि वह भाजपा का समर्थक जरूर हो सकते हैं.

भाजपा विधायक ने मुख्य आरोपी का किया बचाव

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा कहा जा रहा है कि आरोपी शख्स भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी है. बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपी शख्स बलिया में भाजपा की पूर्व सैनिकों की इकाई के प्रमुख हैं.

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं. विधायक ने आरोपी का बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई.

उन्होंने कहा, 'यह दुर्घटना है, जो कहीं भी हो सकती है. दोनों तरफ से पथराव हुआ था. मामले में कानून अपना काम करेगा.'

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा, 'घटना बहुत दुखद है, इसे नहीं होना चाहिए था, लेकिन मैं प्रशासन द्वारा एकतरफा जांच किए जाने की निंदा करता हूं. कोई भी घटना के दौरान घायल छह महिलाओं के दुख को नहीं देख रहा है. धीरेंद्र सिंह ने आत्मरक्षा में गोली चलाई है.'

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक विधायक ने कहा, 'अगर उन्होंने (आरोपी) फायर नहीं किया होता तो उनके दर्जनों रिश्तेदार मारे जाते. दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए. जो भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन पुलिस को दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए जिसने महिला पर लाठी और लोहे के रॉड से हमला किया.'

विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

बलिया में हुई इस घटना के बाद विपक्ष के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम एक युवक की हत्या कर फरार हो जाने से उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है. अब देखें क्या एनकाउंटरवाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं.'

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को बलिया गोली कांड पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है.

मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'उत्तर प्रदेश के बलिया की हुई घटना अति-चिंताजनक तथा अब भी महिलाओं एवं बच्चियों पर आए दिन हो रहे उत्पीड़न आदि से यह स्पष्ट हो जाता है कि यहां कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है. सरकार इस ओर ध्यान दे तो यह बेहतर होगा. बसपा की यह सलाह है.'


Basti Khabar

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Basti Khabar Pvt. Ltd. Desk


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