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चीन के कोरोना वायरस के चलते 9 साल पुरानी हॉलीवुड मूवी क्यूं देख रहे हैं लोग?

चीन के कोरोना वायरस के चलते 9 साल पुरानी हॉलीवुड मूवी क्यूं देख रहे हैं लोग?
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# मूवी ऑन रेंट-

कुछ साल पहले की बात है. उन दिनों ज़रूरी नहीं था कि अपने पसंद की मूवीज़ देखने के लिए आपको सिनेमाघरों में ही जाना हो, या फिर इंतज़ार करना हो कि वो कब टीवी में आएगी. आप किसी नज़दीकी ‘मूवी लाइब्रेरी’ या ‘मूवी रेंटल शॉप’ में जाकर वहां से उसकी वीडियो सीडी किराए में ले सकते थे. यूएस में ऐसे स्टोर काफी हिट थे. ‘ब्लॉकबस्टर’ और ‘रेड बॉक्स’ जैसी कंपनियों की चेन थी. लेकिन अचानक ये स्टोर्स बंद होने लगे. इनको घाटा होने लगा. क्यूंकि अब इंटरनेट आ चुका था. लोग ऑनलाइन भी मूवी रेंट कर सकते थे.

आपकी नज़रों से भी यू ट्यूब का ‘रेंट’ वाला ऑप्शन गुज़रा होगा. लेकिन यू ट्यूब के अलावा भी कई ऐसे ऑनलाइन स्टोर्स हैं, जहां से आप मूवी ऑनलाइन रेंट कर सकते हैं. जैसे ‘अमेज़न मूवीज़’, ’आई ट्यून मूवी रेंटल’, ‘गूगल प्ले मूवीज़’. इन ऑनलाइन स्टोर्स प्लेटफ़ॉर्म्स पर अगर आप किसी मूवी के लिए भुगतान करते हैं तो आपको वो मूवी पूरी देखने के लिए एक-दो दिन का समय दिया जाता है.

और ये ऑनलाइन स्टोर्स, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म से इस मायने में अलग होते हैं कि जहां स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म में आपको मासिक या सालाना सब्सक्रिप्शन देना पड़ता है, वहीं यहां आपको हर मूवी के लिए भुगतान करना पड़ता है.

'ब्लॉकबस्टर' नाम की चेन की ‘मूवी रेंटल शॉप्स’ देखते देखते बंद होने लगीं.
‘ब्लॉकबस्टर’ नाम की चेन की ‘मूवी रेंटल शॉप्स’ देखते देखते बंद होने लगीं. (तस्वीर: दी वर्ज)

# आज ‘मूवी ऑन रेंट’ की बात क्यूं कर रहे हैं-

जब लोग इन ऑनलाइन स्टोर्स से मूवी किराए पर लेते हैं, तो इन प्लेटफ़ॉर्म्स के पास एक अच्छा खासा डेटा तैयार हो जाता है. तो ऐसे ही डेटा से ’आई ट्यून मूवी रेंटल’ ऑनलाइन स्टोर एक रियल टाइम काउंटडाउन अपडेट करता है. काउंटडाउन की ये लिस्ट दर्शकों के लिए भी एक रेकमंडेशन की तरह काम करती है.

’आई ट्यून मूवी रेंटल’ की इस लिस्ट में सामान्यतः नई मूवीज़ ही होती हैं. जैसे इस वक्त इस लिस्ट में नंबर एक पर ‘फोर्ड वर्सेज़ फरारी’ है. 2019 की सबसे चर्चित हॉलीवुड मूवी ‘जोकर’ चौथे नंबर पर है, और दुनिया भर में धूम मचा रही कोरियन मूवी ‘पैरासाइट’ तीसरे.

लेकिन इस बार कुछ असामान्य हुआ है. इस वक्त इस लिस्ट में 2011 की एक मूवी ‘कंटेजन’ टॉप 15 में है. 28 जनवरी को तो ये टॉप टेन में थी.

’आई ट्यून मूवी रेंटल' का अलग अलग स्क्रीन्स का इंटरफ़ेस.
आई ट्यून मूवी रेंटल’ का अलग अलग स्क्रीन्स पर इंटरफ़ेस.

# क्या है ‘कंटेजन’ (Contagion) मूवी-

कंटेजन. अंग्रेज़ी का एक शब्द. जिसका मतलब है ‘छूत’. आपने सुना होगा कि उबासी कंटेजियस है. बस उसी कंटेजियस के आस पास का शब्द है, कंटेजन.

इस शब्द की परिभाषा में हम इसलिए पड़े, क्यूंकि ‘कंटेजन’ मूवी का सब्जेक्ट भी छूत की बीमारी से संबंधित है. ये एक फिक्शनल मूवी है. 500 दिनों में फैली ये मूवी दिखाती है कि चीन से यूएस तक आया एक वायरस कैसे सिर्फ महीने भर से कम समय में ही पच्चीस लाख ज़िंदगियां ले लेता है. सिर्फ अमेरिका में. पूरी दुनिया में तो मौतों की संख्या ढाई करोड़ तक पहुंच जाती है. तब जाकर 133 वें दिन, इस नए वायरस के वैक्सीन की खोज होती है और 500 दिन बीतते-बीतते ये महामारी खत्म होती है.

मरिऑन कोटिया और मेट डेमन
मरिऑन कोटिया और मेट डेमन

मूवी को डायरेक्ट किया था, आधुनिक इंडी सिनेमा के कुछ प्रथम में से एक स्टीवन सोडरबर्ग ने. उनकी पहली कुछ मूवीज़ में से एक,’सेक्स, लाइज़ एंड वीडियोटेप’ ने कान का सबसे बड़ा प्राइज ‘पाम दी ओर’ जीत लिया था.
‘कंटेजन’ मूवी की स्टार कास्ट में बड़े दिग्गज एक्टर्स का नाम था. जैसे-

# ‘गुड विल हंटिंग’ और ‘मार्शियन’ फेम मेट डेमन.

# मरिऑन कोटिया. बेस्ट एक्ट्रेस के लिए एकेडमी अवॉर्ड विजेता.

# ‘ब्रेकिंग बेड’ फेम ब्रायन क्रैंस्टन.

# ये मूवी इस वक्त क्यूं ट्रेंड कर रही है-

कंटेजन ट्रेंड कर रही है, क्यूंकि 2011 की ये फिक्शनल मूवी, इस वक्त काफी हद तक सही साबित हो रही है. पूरी तरह नहीं, काफी हद तक. वो याद है न, जब केजरीवाल नए नए आए थे तो ‘नायक’ कैसे ट्रेंड करने लगी थी इंडिया में? बस वैसे ही.

साथ ही नई मूवीज़ इन लिस्ट्स में ट्रेंड करती हैं क्यूंकि वो कहीं और उपलब्ध नहीं होतीं. ‘कंटेजन’ की उपलब्धता भी सीमित है, इसलिए इसे देखने के लिए आपको ये मूवी ’आई ट्यून मूवी रेंटल’ से ही किराए में लेनी होगी.

# चीन का खतरनाक वायरस-

2011 में आई मूवी का नाम अगर ‘कंटेजन’ था तो, रियल्टी का नाम है ‘कोरोना वायरस’.

चीन का कोरोना वायरस, जो पिछले दो महीनों से खबरों में बना हुआ है. चीन के वुहान शहर से निकलने के कारण इसे वुहान वायरस भी कहा जा रहा है. इसका पूरा नाम 2019-novel coronavirus (2019-nCoV). चूंकि पहला केस दिसंबर 2019 में सामने आया, इसलिए इसके नाम के शुरू में 2019 जोड़ा गया है. और नोवेल, मतलब नया. कोरोना इसलिए, क्यूंकि ये सूरज के कोरोना सरीखा ही दिखता है. लेकिन दिखता सिर्फ माइक्रोस्कोप से ही है.

ये जो हरा-हरा दिख रहा है, यही ताज. क्राउन या कोरोना है. (सोर्स - नेचर)
ये जो हरा-हरा दिख रहा है, यही ताज. क्राउन या कोरोना है. (सोर्स – नेचर)

# वायरस के साथ दिक्कत-

कोरोना वायरस या किसी भी वायरस के साथ दिक्कत ये है कि ये बहुत तेज़ी से फैलते हैं. इतनी तेज़, कि जब कोई और चीज़ (जैसे फैशन, आंदोलन, यू ट्यूब वीडियो या ट्वीट) तेज़ी से फैलती है तो हम कहते हैं कि ये वायरल हो गई. यूं ये कोरोना वायरस भी अब सिर्फ चीन में न रहकर दुनिया के बाकी हिस्सों में भी फैलने लगा है. और इसलिए ही इसी सब्जेक्ट पर बनी पुरानी फिक्शनल मूवी ‘कंटेजन’ खूब देखी जा रही है.

लेटेस्ट अपडेट: दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस के 6,147 केस पता चल चुके हैं और 132 लोगों की इस वायरस के चलते मृत्यु हो चुकी है.

कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज़. (सोर्स - रॉयटर्स)
कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज़. (सोर्स – रॉयटर्स)

# भारत में भी बनी है एक ऐसी ही फिल्म-

वायरस. 2019 में आई एक मलयालम मूवी. ‘मेडिकल थ्रिलर’ जॉनर की मूवी. अमेज़न प्राइम पर उपलब्ध है. 2019 में आई कुछ बेहतरीन मूवीज़ में से एक. इसका बेसिक सब्जेक्ट 2018 का निपाह वायरस था. जब भी वक्त मिले इसे ज़रूर देखिएगा.

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