Top

इस बंदे ने कोरोना के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर मुक़दमा क्यों ठोंक दिया?

कोरोना वायरस. चीन से निकलकर दुनियाभर में फ़ैल चुका है. गली-मोहल्ले में बस अब एक ही चर्चा हो रही है, कोरोना वायरस की. भारत में भी COVID-19 तेजी से पांव पसार रहा है. बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राजदूत सन बेई डोंग के खिलाफ मुक़दमा दर्ज हुआ है.

मुक़दमा दर्ज कराने वाले अधिवक्ता का नाम सुधीर ओझा है. उनका आरोप है कि चीन कोरोना वायरस बनाकर पूरे विश्व में दहशत फैलाना चाहता था. शी जिनपिंग पर IPC( Indian Penal Code) की धारा 269, 270, 109, 120 B के तहत मुक़दमा दर्ज कराया गया है. कोर्ट ने 11 अप्रैल को सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है.

# क्या कहते हैं परिवादी?

परिवादी माने जिसने वाद या मुक़दमा दर्ज कराया है. सुधीर ओझा ने मीडिया को बताया कि चीन ने जान-बूझकर साजिश के तहत वायरस बनाया, ताकि पूरी दुनिया में दहशत फ़ैल जाए और ऐसा हुआ भी है.

दरअसल ये सारा मुक़दमा एक कयास पर आधारित है. कहने वाले ये कह रहे हैं कि कोरोना वायरस शायद चीन के जैविक युद्ध का एक हिस्सा है और एक प्रयोगशाला से निकला जैविक हथियार है.

# चीन का विदेश मंत्रालय पहले ही जवाब दे चुका है

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने पहले ही इस कयास का जवाब दे दिया है. उन्होंने कहा-

अभी तक सिर्फ ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन के कई शहरों में महामारी बन चुका नया कोरोना वायरस चीन का एक जैविक हथियार है. चीन को आशा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकसाथ कोरोना वायरस का मुकाबला करने के साथ साजिश जैसे ‘राजनीतिक वायरस’ का भी विरोध करेगा.

न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंग श्वांग ने कहा कि वर्तमान में चीनी जनता महामारी से मुकाबले की पूरी कोशिश कर रही है और इस वक्त ऐसी सनसनीखेज बात करना बदनीयत और बेतुका है. प्रवक्ता कंग श्वांग ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस बारे में बताया है कि ये प्रमाणहीन बात है. ऐसा कोई भी सबूत नहीं है कि नया कोरोना वायरस प्रयोगशाला से बना है या जैविक हथियार बनाने से पैदा हुआ है.

चीन में कोरोना वायरस COVID-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,213 हो गई है. भारत में अब तक 117 पॉजिटिव केस की पहचान हुई है, जबकि 2 लोगों की मौत हो चुकी है.

Next Story
Share it