Yaas Cyclone Update: बिहार में पहुंचा यास चक्रवात, कई जिलों में भारी बारिश, अलर्ट जारी

Yaas Cyclone  (Photo Credit: सांकेतिक चित्र)
Yaas Cyclone (Photo Credit: सांकेतिक चित्र)

चक्रवाती तूफान यास के ओडिशा के तटीय इलाकों में बुधवार सुबह पहुंचने के बाद बिहार सरकार ने झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 22 टीमों को तैनात किया है.

पटना: चक्रवाती तूफान यास (Yaas Cyclone) के ओडिशा के तटीय इलाकों में बुधवार सुबह पहुंचने के बाद बिहार सरकार ने झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 22 टीमों को तैनात किया है. मौसम विभाग ने गुरुवार सुबह से 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ राज्य में भारी बारिश का अनुमान जताया है. विभाग ने बिहार के लोगों को बिजली की चपेट में आने से बचने के लिए खुले स्थानों, पेड़ों से दूर रहने के लिए भी सचेत किया है.

यास का असर कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, नवादा, लखीसराय, औरंगाबाद, पटना, भोजपुर, बक्सर, वैशाली जिलों में देखा जा सकता है. अधिकारियों का मानना है कि दक्षिणी और मध्य बिहार में यास का प्रभाव उत्तरी बिहार की तुलना में अधिक होगा.

यास बिहार में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है. अधिकारी ने कहा कि 26 मई से 30 मई की अवधि के दौरान इन जिलों में गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है.

IMD महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि बिहार, सब हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज और कल भारी से भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में भी आज और कल भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक तूफान के कारण अगले तीन-चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा. इसलिए जिला प्रशासन ने लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की है. 

इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में आला अधिकारियों के साथ बैठक की और बिहार में यास का खतरा खत्म होने तक संबंधित जिलों के नगर निगमों और नगर समितियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया. कुमार ने प्राधिकरण को कम से कम समय में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंपों की पर्याप्त व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया.

उन्होंने अस्पतालों को तूफान के पीड़ितों को इलाज मुहैया कराने के लिए अतिरिक्त टीमें और अलग वार्ड बनाने का भी निर्देश दिया. इस अवधि के दौरान सभी अधिकारियों को एक-दूसरे के साथ समन्वय करना होगा और चौबीसों घंटे काम करना होगा. नागरिक उड्डयन विभाग ने पटना से भी 40 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं.

बता दें कि यास चक्रवात का असर बिहार के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है. नवादा, लखीसराय, दरभंगा, मधुबनी समेत कई जिलों में पिछले दो दिनों से तेज हवाओं के साथ-साथ बारिश हो रही है. बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ-साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है.

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