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आपका डेबिट-क्रेडिट कार्ड आज से हर जगह नहीं चलेगा, नियम बदल गए हैं

16 मार्च यानी दिन सोमवार से हमारे-आपके डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े तमाम नियम बदल रहे हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ट्रांजेक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कुछ पाबंदियां लगा दी हैं. कौन-कौन सी पाबंदियां हैं, जानते हैं.

सबसे बड़ा बदलाव ये है कि अब डेबिट और क्रेडिट कार्ड हर जगह नहीं चलेगा. सिर्फ दो जगह चलेगा- एटीएम पर और पॉइंट ऑफ सेल (POS) पर. अब एटीएम तो हम-आप जानते ही हैं. वहां पर कार्ड इस्तेमाल करने के नियम वही हैं, जो अब तक थे.

फिर पॉइंट ऑफ सेल क्या है?

हर वो जगह, जहां आप तुरंत-तुरंत शॉपिंग कर रहे हैं और लगे हाथ कार्ड स्वाइप कराने वाली मशीन से पेमेंट कर दे रहे हैं, उसे पॉइंट ऑफ सेल यानी POS कहते हैं. जैसे कि किसी शॉपिंग स्टोर में, पेट्रोल पंप पर. वहां पर मौके पर ही अपनी खरीदी करते हैं और मौके पर ही अपनी आंखों के सामने कार्ड पेमेंट करके निकल लेते हैं. बदले में इनवॉइस मिल जाती है या अगर मोबाइल नंबर लिंक है तो खट से मैसेज आ जाता है. POS पर भी अब तक कार्ड जैसे इस्तेमाल कर रहे थे, वैसे ही होगा.

फिर कार्ड कहां नहीं चलेगा?

ये तो हो गईं वो जगहें, जहां कार्ड काम करता रहेगा. अब कार्ड कहां-कहां नहीं चलेगा? इसमें तीन खास पॉइंट हैं…

नंबर-1: इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन. अगर विदेश में कार्ड इस्तेमाल करना है या कार्ड के जरिए कोई इंटरनेशनल पेमेंट करनी है तो इसके लिए बैंक से अलग से परमिशन लेनी होगी.

नंबर-2: ऑनलाइन ट्रांजेक्शन. अब तक ऐसा था कि जब आपका कार्ड बैंक से आता था तो ये सुविधा ऑटोमेटिक तरीके से चालू मिलती थी. अब ऐसा नहीं होगा. अब आपको अपने कार्ड पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा लेने के लिए बैंक से अलग से परमीशन लेनी होगी.

नंबर-3: कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन. कई जगह पेमेंट ऐसे होता है कि पिन डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती. बस कार्ड को मशीन पर टच कराया, मशीन चिप को रीड कर लेती है और ट्रांजेक्शन हो जाता है. इसे कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन कहते हैं. अब कार्ड पर इस तरह का पेमेंट एक्टिव कराने के लिए बैंक से अलग से कहना होगा.

बैंक जब आपको कार्ड इश्यू या रीइश्यू करेंगे तो ये तीन सुविधाएं एक्टिव नहीं रहेंगी. माने जिसके पास पुराना कार्ड है, उनसे बैंक कॉन्टैक्ट करके पूछेगा कि वो ये सर्विस जारी रखना चाहते हैं या नहीं. और जो नया कार्ड ले रहे हैं, उनके कार्ड पर शुरुआत में ये सर्विस एक्टिक नहीं रहेगी. लेकिन अगर कस्टमर इसके लिए अप्लाई करता है तो बिना ना-नुकुर के तीनों सुविधाएं एक्टिव कर दी जाएंगी. अब ये कस्टमर पर निर्भर करता है कि वो अपने इस्तेमाल और रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखते हुए ये सर्विस एक्टिव कराना चाहता है या नहीं.

और कुछ बदलाव…

# सबसे पहली बात- ये पाबंदियां उन्हीं कस्टमर के लिए हैं, जिन्होंने अब तक कभी ये सर्विस कार्ड पर इस्तेमाल नहीं की हैं. अगर आप अब तक रेग्युलर बेसिस पर ये सुविधाएं कार्ड पर इस्तेमाल करते आए हैं तो बैंक को पता है कि आपको इसकी जरूरत है. ऐसे में बैंक आपसे फॉर्मल इन्क्वायरी कर ये सुविधाएं चालू रखेगा.

# अगर आप नेट बैंकिंग या बैंक का मोबाइल एप इस्तेमाल करते हैं तो अपने कार्ड की ट्रांजेक्शन लिमिट खुद सेट कर सकते हैं.

# कार्ड को ऑन-ऑफ करने की सुविधा भी अब मिलेगी. ऑन-ऑफ माने नेट बैंकिंग या मोबाइल एप के जरिए किसी खास वक्त के लिए अपने कार्ड को ऑफ कर सकते हैं. ठीक फोन की तरह. अभी जरूरत नहीं है तो ऑफ कर दिया, जब जरूरत हुई ऑन कर लिया और वापस इस्तेमाल करने लगे. सुरक्षा के लिहाज से.

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